Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
शिशॠकी सà¥à¤•िन को नैचà¥à¤°à¤²à¥€ गोरा और साफ करने के लिà¤, अपनाà¤à¤‚ ये खास तरीके
शिशॠकी तà¥â€à¤µà¤šà¤¾ बहà¥à¤¤ सेंसिटिव होती है इसलिठजनà¥â€à¤® के बाद कà¥à¤› शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ सालों में केमिकल यà¥à¤•à¥â€à¤¤ चीजों का इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कम ही करना चाहिà¤à¥¤ हालांकि, कà¥à¤› घरेलू चीजों से आप बचà¥â€à¤šà¥‡ की सà¥à¤•िन को हेलà¥â€à¤¦à¥€ और साफ रख सकती हैं।
शिशॠकी सà¥à¤•िन बहà¥à¤¤ नाजà¥à¤• और मà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤® होती है। गरà¥à¤ से बाहर आने के बाद बाहर के वातावरण में à¤à¤¡à¤œà¤¸à¥â€à¤Ÿ होने में शिशॠको समय लगता है। उसकी बहà¥à¤¤ जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पतली सà¥à¤•िन अà¤à¥€ विकसित ही हो रही होती है। इस समय में बचà¥â€à¤šà¥‡ की सà¥à¤•िन टोन में बदलाव दिखना सामानà¥â€à¤¯ बात है।वैसे तो बचà¥â€à¤šà¥‡ की रंगत, उसके मां-बाप पर निरà¥à¤à¤° करती है लेकिन कà¥à¤› बाहरी कारकों जैसे कि केमिकल यà¥à¤•à¥â€à¤¤ सà¥à¤•िन केयर पà¥à¤°à¥‹à¤¡à¤•à¥â€à¤Ÿà¥à¤¸ के इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤², सà¥à¤•िन à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ और बाहरी वातावरण के संपरà¥à¤• में आना à¤à¥€ अहम à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¥‡ हैं। इसलिठआपको अपने शिशॠकी नाजà¥à¤• तà¥â€à¤µà¤šà¤¾ की खासतौर पर शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ कà¥à¤› सालों में खास देखà¤à¤¾à¤² करनी चाहिà¤à¥¤à¤¯à¤¹à¤¾à¤‚ हम आपको कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ घरेलू उपाय बता रहे हैं जिनकी मदद से नैचà¥à¤°à¤²à¥€ शिशॠकी सà¥à¤•िन टोन को बेहतर किया जा सकता है।
​दूध और हलà¥â€à¤¦à¥€
कचà¥â€à¤šà¥‡ दूध में हलà¥â€à¤¦à¥€ या बेसन मिलाकर शिशॠके शरीर पर लगाà¤à¤‚ और 5 से 10 मिनट के बाद इसे साफ और सूती कपड़े से हटा दें। दूध में विटामिन à¤, डी, बी12, लैकà¥à¤Ÿà¤¿à¤• à¤à¤¸à¤¿à¤¡ और बायोटिन के साथ कई अनà¥â€à¤¯ पोषक ततà¥â€à¤µ à¤à¥€ मौजूद होते हैं।
यâ€à¤¹ नैचà¥à¤°à¤² कà¥â€à¤²à¥€à¤‚जर की तरह काम करता है जिससे सà¥à¤•िन हाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ रहती है। हलà¥â€à¤¦à¥€ में à¤à¤‚टी-बैकà¥â€à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² और à¤à¤‚टी-इंफà¥à¤²à¤¾à¤®à¥‡à¤Ÿà¥à¤°à¥€ गà¥à¤£ होते हैं जो रंगत को निखारने का काम करते हैं। बेसन से à¤à¥€ सà¥à¤•िन पर तà¥à¤°à¤‚त गà¥â€à¤²à¥‹ आता है।
​दही और टमाटर
दही में टमाटर के गूदे को मिलाकर शिशॠकी सà¥à¤•िन की मालिश करें। जिन हिसà¥â€à¤¸à¥‹à¤‚ पर आपको पिगमेंटेशन दिख रही है, उन हिसà¥â€à¤¸à¥‹à¤‚ पर जरूर मसाज करें। दही सà¥à¤•िन को हाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ करती है और टमाटर नैचà¥à¤°à¤² बà¥â€à¤²à¥€à¤šà¤¿à¤‚ग à¤à¤œà¥‡à¤‚ट का काम करता है। इससे कोशिकाà¤à¤‚ पà¥à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€à¤µà¤¿à¤¤ होती है और सà¥à¤•िन से धूल और मिटà¥à¤Ÿà¥€ निकलती है।
​ओटमील सà¥â€à¤•à¥à¤°à¤¬
शिशॠकी तà¥â€à¤µà¤šà¤¾ बहà¥à¤¤ नाजà¥à¤• होती है इसलिठउन पर केमिकल यà¥à¤•à¥â€à¤¤ साबà¥à¤¨, शैंपू या मॉइशà¥â€à¤šà¤°à¤¾à¤‡à¤œà¤° का इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² नहीं करना चाहिà¤à¥¤ इसकी जगह आप शिशॠको ओटमील बॉडी सà¥â€à¤•à¥à¤°à¤¬ से नहला सकती हैं। थोड़ा-सा ओटà¥à¤¸ लें और उसमें गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¤¾ पानी और शहद डालकर à¤à¤• पेसà¥â€à¤Ÿ बना लें।
इस सà¥â€à¤•à¥à¤°à¤¬ को हलà¥â€à¤•े हाथों से शिशॠकी सà¥à¤•िन पर लगाà¤à¤‚ और फिर बचà¥â€à¤šà¥‡ को नहला दें। ओटमील में अमीनो à¤à¤¸à¤¿à¤¡ होते हैं जो तà¥â€à¤µà¤šà¤¾ के डल रंग को ठीक करते हैं। इसके à¤à¤‚टीऑकà¥â€à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट और à¤à¤‚टी-इंफà¥à¤²à¤¾à¤®à¥‡à¤Ÿà¥à¤°à¥€ गà¥à¤£ सà¥à¤•िन को ठंडक देकर चमकदार बनाते हैं।
​नारियल तेल
दिन में कम से कम à¤à¤• बार गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ नारियल तेल से मालिश करने से सà¥à¤•िन में लचीलापन आता है और बà¥â€à¤²à¤¡ सरà¥à¤•à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ ठीक होता है। तेल सà¥à¤•िन में गहराई से जाकर उसे हाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ करता है जिससे सà¥à¤•िन की रंगत में निखार आता है।
​à¤à¤²à¥‹à¤µà¥‡à¤°à¤¾ जेल
यदि शिशॠकी सà¥à¤•िन पर रैशेज, खà¥à¤œà¤²à¥€, जलन या à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ हो गई है तो आप उस पर à¤à¤²à¥‹à¤µà¥‡à¤°à¤¾ जेल लगा सकती हैं। इसके औषधीय गà¥à¤£ सà¥à¤•िन ही हर तरह की परेशानी को दूर करते हैं।
आप à¤à¤²à¥‹à¤µà¥‡à¤°à¤¾ जेल में दही, बेसन, शहद या नारियल तेल मिलाकर शिशॠकी तà¥â€à¤µà¤šà¤¾ पर लगा सकती हैं। आप चाहें तो à¤à¤²à¥‹à¤µà¥‡à¤°à¤¾ जेल को शिशॠकी सà¥à¤•िन पर सीधा à¤à¥€ लगाया जा सकता है। हालांकि, इससे पहले डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° से à¤à¤• बार बात करना बेहतर होगा।
| --------------------------- | --------------------------- |